(N/A) $\Rightarrow$ प्रत्येक पौधे को सूक्ष्म पोषक तत्वों की आवश्यकता बहुत कम मात्रा में होती है। इनमें मध्यम कमी से कमी के लक्षण उत्पन्न होते हैं,जबकि मध्यम वृद्धि से विषाक्तता (toxicity) उत्पन्न होती है।
$\Rightarrow$ ऊतकों में खनिज आयनों की वह सांद्रता जो ऊतकों के शुष्क भार को लगभग $10 \%$ तक कम कर देती है,उसे विषाक्त माना जाता है।
$\Rightarrow$ विषाक्तता का स्तर विभिन्न सूक्ष्म पोषक तत्वों और विभिन्न पौधों की प्रजातियों के लिए अलग-अलग होता है। उदाहरण के लिए,$Mn^{+2}$ विषाक्तता एक सामान्य समस्या है। कई पौधों के लिए $600 \mu g g^{-1}$ से अधिक सांद्रता विषाक्त होती है,जबकि सोयाबीन और सूरजमुखी के लिए $300 \mu g g^{-1}$ सांद्रता विषाक्त हो जाती है।
$\Rightarrow$ विषाक्तता के लक्षणों की पहचान करना कठिन होता है क्योंकि एक तत्व की अधिकता अन्य पोषक तत्वों के अवशोषण को बाधित कर सकती है।
$\Rightarrow$ उदाहरण के लिए,मैंगनीज विषाक्तता का प्रमुख लक्षण क्लोरोटिक शिराओं से घिरे भूरे रंग के धब्बे दिखाई देना है।
$\Rightarrow$ मैंगनीज विषाक्तता निम्नलिखित कारणों से होती है:
$(i)$ यह अवशोषण के लिए $Fe^{+2}$ और $Mg^{+2}$ के साथ प्रतिस्पर्धा करता है।
$(ii)$ यह एंजाइमों के साथ $Mg^{+2}$ के बंधन को रोकता है।
$(iii)$ यह प्ररोह शीर्ष (shoot apex) की ओर $Ca^{+2}$ के स्थानांतरण को रोकता है।
$\Rightarrow$ इस प्रकार,$Mn^{+2}$ की अधिकता आयरन,मैग्नीशियम और कैल्शियम की कमी को प्रेरित करती है।